राष्ट्रव्यापी लॉकआउट के दौरान सरकार ने घर -घर की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, जाने

 राष्ट्रव्यापी लॉकआउट के दौरान सरकार ने घर -घर की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, जाने

 राष्ट्रव्यापी लॉकआउट के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रखने की पूरी प्रयास के बावजूद लोगों के घरों से बाहर निकलने से प्रशासन को मुश्किलें पेश आ रही हैं. 

पंजाब में राशन, दूध, सब्जियों व दवाओं की सप्लाई घर-घर तक पहुंचाई गई. जम्मू और कश्मीर में भी राशन घर तक पहुंचाने की तैयारी है. बिहार की राजधानी में पटना में खाद्य उत्पादों की होम डिलीवरी कराने की प्रशासन ने व्यवस्था की है.

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए पंजाब ने पहले ही कठोर कदम उठा दिए हैं. प्रदेश में कफ्र्यू के तीसरे दिन पुलिस और प्रशासन ने विभिन्न जिलों में टीमें बनाकर राशन, दूध, सब्जियों व दवाओं समेत अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की सप्लाई की. हालांकि, इसके बावजूद लोग बाज नहीं आए व घरों से बाहर निकले, जिस पर पुलिस को सख्ती करनी पड़ी. कई स्थान मुद्दे भी दर्ज किए गए.

मोगा में सामान बांटने के लिए 16 टीमें गठित की गई हैं, जो प्रति पैकेट 200 रुपये की मूल्य पर सब्जियां उपलब्ध करवा रही हैं. वेंडरों के नंबर लोगों को उपलब्ध करवाए हैं, जिससे लोग फोन करके अपनी आवश्यकता के अनुसार सामान मंगवा सकते हैं. मानसा में प्रशासन व पुलिस की निगरानी में घर-घर फल, सब्जियां, दूध, राशन व एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई की गई. संगरूर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में राशन सामग्री और दवाओं की मांग को पूरा करने के लिए 100 ट्रैक्टर ट्रॉलियां और 25 वाहनों का उपयोग किया जाएगा. जालंधर जिला प्रशासन ने बुधवार को घर-घर तक 93 हजार लीटर दूध, 1400 ¨क्वटल सब्जियां व दवाइयां पहुंचाई.

जम्मू-कश्मीर में प्रशासन ने लोगों के घरों पर ही राशन पहुंचाने का निर्णय किया है. सभी जिला उपायुक्तों को 30 मार्च से पहले इसे प्रारम्भ करने को बोला गया है. कश्मीर में 28 मार्च से घरों में राशन की आपूर्ति प्रारम्भ हो जाएगी. कई जगहों पर झुग्गियों में रहने वालों व दिहाड़ीदारों को राशन के पैकेट भी निःशुल्क बांटे गए. उपराज्यपाल जीसी मुर्मू की अध्यक्षता में मंगलवार शाम हुई प्रशासनिक परिषद की मीटिंग में सभी राशनकार्ड धारकों को दो माह का राशन अग्रिम तौर पर प्रदान करने व झुग्गियों और बेसहारा लोगों में राशन के पैकेट बांटने का निर्णय लिया गया था.

संगत के लिए खुले हैं श्री हरिमंदिर साहिब के द्वार

श्री हरिमंदिर साहिब के द्वार संगत के लिए खुले हुए हैं. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सचिव डाक्टर रूप सिंह ने बोला कि श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने आने वाली संगत के लिए एसजीपीसी की ओर से किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई गई है. कुछ लोग गलत प्रचार कर रहे हैं कि एसजीपीसी ने रोक लगाई है. गलियारा में एक गेट से संगत को पुलिस अंदर आने की इजाजत दे रही है. गुरु घर का लंगर भी पहले की तरह ही चल रहा है.

श्रीनगर में आधी रात के बाद से कफ्र्यू

जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बुधवार आधी रात से कफ्र्यू लगाने का निर्णय किया है. जिले में सभी प्रकार के व्यक्तिगत वाहन व व्यक्तिगत प्रतिष्ठान 15 अप्रैल तक पूरी तरह बंद रहेंगे. इस बीच, एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन पर्यटकों के लिए इस वर्ष नहीं खुलेगा. सारे गार्डन में 50 से ज्यादा प्रजातियों के 13 लाख ट्यूलिप बल्ब लगाए गए हैं व अब खिलने लगे हैं.