कांग्रेस को तोड़ने में प्रशांत किशोर की साजिश, मोदी के डर से सोनिया से नहीं मिलीं ममता: अधीर रंजन चौधरी

कांग्रेस को तोड़ने में प्रशांत किशोर की साजिश, मोदी के डर से सोनिया से नहीं मिलीं ममता: अधीर रंजन चौधरी

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने मेघालय में कांग्रेस के 12 विधायकों को टीएमसी में शामिल होने के का ठीकरा चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर फोड़ा है। उन्होंने कहा यह सब प्रशांत किशोर और टीएमसी के नेता लुइज़िन्हो फलेरियो कर रहे हैं। उन्होंने इसकी जानकारी होने की भी बात कही है।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ''अगर ममता बनर्जी अभी सोनिया गांधी से मिलती हैं, तो पीएम मोदी नाराज हो जाएंगे। ईडी द्वारा उनके भतीजे को तलब किए जाने के तुरंत बाद उनकी हरकतें बदल गईं। इससे पहले उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बीजेपी के खिलाफ मिलकर लड़ने की बात कही थी। ''

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने मेघालय में कांग्रेस के 12 विधायकों पर टीएमसी में शामिल पर कहा, ''कांग्रेस को तोड़ने की ये साजिश सिर्फ मेघालय में ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में हो रही है। मैं सीएम ममता बनर्जी को चुनौती देता हूं कि पहले उन्हें टीएमसी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़वाएं और फिर औपचारिक रूप से उनकी पार्टी में उनका स्वागत करें।''


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी की नई किताब लॉन्च, 26/11 ही नहीं केंद्र की सुरक्षा नीति पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी की नई किताब लॉन्च, 26/11 ही नहीं केंद्र की सुरक्षा नीति पर भी उठाए सवाल

अपनी नई किताब को लेकर चर्चा में बने रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने आज गुरुवार को कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं हैं कि उरी हमले के बाद भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान गहरे सदमे में चला गया था. तिवारी ने अपनी किताब में देश की मौजूदा चुनौतियों के अलावा सर्जिकल स्‍ट्राइक और चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर चर्चा की है.

अपनी नई किताब ’10 फ्लैशपाइंट्स्: 20 ईयर्स-नेशनल सिक्युरिटी सिचुएशंस देट इम्पैक्ट इंडिया’ के लोकार्पण के अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि इस बात के लिए कोई सबूत नहीं हैं कि उरी हमले के बाद भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान गहरे सदमे में चला गया था. उरी हमले के बाद हमें पुलवामा हमले को नहीं भूलना चाहिए.

भारत के संयम को कमजोरी समझता है पाकिस्तानः मनीष तिवारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी की नई किताब का आज गुरुवार को विमोचन किया गया. विमोचन के अवसर पर पूर्व मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर आप किताब में मुंबई आतंकी हमले से संबंधी पैराग्राफ को पढ़ेंगे तो समझ जाएंगे कि यूपीए सरकार सुरक्षा को लेकर सख्त या नरम थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भी भारत ने सामरिक संयम बरता तो पाकिस्तान कठोर बनकर सामने आया है क्योंकि वह एक अर्द्ध सैन्य देश है. उन्होंने कहा कि असल में पाकिस्तान भारत के संयम को उसकी कमजोरी समझता है.

जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए हमले के बाद सितंबर 2016 में केंद्र सरकार की ओर से की गई सर्जिकल स्‍ट्राइक को लेकर मनीष तिवारी ने अपनी पुस्‍तक में लिखा, ‘ऐसा लगता है कि एनडीए ने यह दुर्भाग्‍यपूर्ण आंकलन किया कि ऐसे हमलों से राजनीतिक लाभ मिलता है.

कांग्रेस के जी-23 के अहम सदस्‍यों में से एक मनीष तिवारी की यह नई किताब पिछले महीने उस समय चर्चा में आई जब उन्होंने इस किताब में मनमोहन सिंह की UPA सरकार पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने मुंबई में हुए 26/11 हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ किसी तरह का कोई एक्शन नहीं लेने को यूपीए सरकार की कमजोरी करार दिया.

किताब के जरिए यूपीए सरकार पर बीजेपी ने साधा था निशाना

मनीष तिवारी की यूपीए सरकार की आलोचना किए जाने पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा पूर्व केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए था कि 26/11 हो या अन्य कोई मामला, देश जानता है कि समग्र स्थिति को कैसे संभाला गया. मैं मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता. मोदी सरकार की नीति आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी तत्कालीन यूपीए सरकार की नीयत को खराब करार देते हुए कहा कि तब एयरचीफ मार्शल ने कहा था कि हमारी एयरफोर्स जवाब देने के लिए तैयार थी, लेकिन कार्रवाई की अनुमति नहीं दी गई. अब कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए.

भाटिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी क्या अपनी चुप्पी तोड़ेंगे? सोनिया गांधी जी हमारा प्रश्न है कि भारत की वीर सेना को उस समय अनुमति और खुली छूट क्यों नहीं दी गई?