विस्तार विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में कांग्रेस को लगा ये बड़ा झटका , जाने ये रिपोर्ट

विस्तार विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में कांग्रेस को लगा ये बड़ा झटका , जाने ये रिपोर्ट

विस्तार विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री बूटा सिंह के भांजे और कांग्रेस के कद्दावर दलित नेता जोगिंदर सिंह मान ने मकर संक्रांति पर पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है। मान ने पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप घोटाले के दोषियों को सजा न दिलाए जाने और फगवाड़ा को जिला न बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस छोड़ने की बात कही है। मान के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।



मान आरक्षित हलका फगवाड़ा से कांग्रेस की टिकट के प्रबल दावेदार भी थे लेकिन टिकट न मिलने की संभावना से नाराज बताए जा रहे थे। मान पूर्व सीएम बेअंत सिंह, रजिंदर कौर भट्ठल, हरचरन सिंह बराड़ एवं कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।  दलितों के साथ धोखा कर रही कांग्रेस मान ने कांग्रेस की तरफ से डॉ. बीआर अम्बेडकर पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप घोटाले के दोषियों को पनाह देने का आरोप लगाते हुए कहा कि दलितों के बच्चों के हितों की रक्षा करने में सरकार फेल रही है। यह दलित समाज के साथ सरासर धोखा है। 1985, 1992 और 2002 में फगवाड़ा से विधायक रहे मान ने कहा कि मैं चाहता था कि मेरी मौत के बाद मेरी लाश कांग्रेस के झंडे में लिपटे लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू जैसे महाराजों, अमीरों और मौकाप्रस्तों की तरफ से पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम के दोषियों को पार्टी में पनाह देने के कारण मेरा जमीर अब पार्टी में रहने की इजाजत नहीं देता। इससे आहत होकर मैं भरे मन से कांग्रेस को छोड़ रहा हूं। 

जोगिंदर सिंह मान फगवाड़ा हलके से तालुक रखते हैं और पूरे क्षेत्र में उनका अच्छा रसूख है लेकिन कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू की तरफ से मौजूदा विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल के पक्ष में उतरने से वह कई दिनों से नाराज थे। वह अपनी नाराजगी सीनियर लीडरशिप तक भी पहुंचा चुके थे लेकिन उन्हें टिकट का भरोसा नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने शुक्रवार को कांग्रेस छोड़ दी।  


काफिले के लिये यातायात रोकने को लेकर नगांव के डीसी को लगी फटकार , हिमंत बिस्व ने किया ये ट्वीट

काफिले के लिये यातायात रोकने को लेकर नगांव के डीसी को लगी फटकार ,  हिमंत बिस्व ने किया ये ट्वीट

गुवाहाटी| असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 127 पर अपना काफिला गुजरते समय कथित तौर पर यातायात रोकने को लेकर नगांव के उपायुक्त निसर्ग हिवारे को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई।

घटना की एक वीडियो क्लिप स्थानीय टीवी समाचार चैनलों पर दिखाई गई और यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई है।

वीडियो में दिख रहा है कि सरमा राजमार्ग पर खड़ेहैं और एक बस तथा एक ट्रक उनके सामने प्रतीक्षा कर रहा है। कई अधिकारियों के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी उनके आसपास खड़े दिख रहे हैं।

वीडियो में एक समय सरमा कहते हैं, एसपी को बुलाओ इसके बाद वह कहते हैं, अरे डीसी साब, ये क्या नाटक है? क्यूं गाड़ी रुकवाई है? कोई राजा महाराजा आ रहा है क्या? जब हिवारे ने कुछ कहने की कोशिश की तो सरमा द्वारा जोर से यह कहते सुना गया: हट! ऐसा मत करो आगे।

लोगों को कष्ट हो रहा हैं। वीडियो में उपायुक्त फ्रेम से बाहर जाते हुए दिखाई दिये और मुख्यमंत्री को जोर से यह कहते हुए सुना गया, खोलो, गाड़ी जाने दो! क्लिप के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, सरमा ने इसे एक मीडिया अकाउंट से रीट्वीट किया और अपनी कार्रवाई का बचाव किया।

उन्होंने कहा, हम राज्य में हम एक ऐसी संस्कृति बनाना चाहते हैं, जहां डीसी, एसपी या कोई भी सरकारी कर्मचारी या जनप्रतिनिधि अपनी पृष्ठभूमि, बौद्धिक क्षमता या लोकप्रियतासे परे केवल लोगों के लिए काम करे। बाबू मानसिकता को बदलना कठिन है, लेकिन हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ हैं।

जनता ही जनार्दन। सरमा स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य में नगांव नगर पालिका बोर्ड द्वारा बनाए गए एक पार्क और कोलोंग नदी पर एक पुल का उद्घाटन करने के लिए नगांव जिले में थे।