अयोध्या मुद्दे : निर्मोही अखाड़े ने भी पुनर्विचार दायर की है याचिका

अयोध्या मुद्दे : निर्मोही अखाड़े ने भी पुनर्विचार दायर की है याचिका

 कुछ समय पहले ही अयोध्या धरती टकराव मुद्दे में 9 नवंबर 2019 को दिए निर्णय के विरूद्ध दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय बृहस्पतिवार को विचार करेगा। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ दोपहर करीब 1:40 बजे 18 पुनर्विचार याचिकाओं पर इन-चैंबर सुनवाई करेगी। 

पीठ में चीफ जस्टिस के अतिरिक्त जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसए नजीर व जस्टिस संजीव खन्ना शामिल हैं। जस्टिस खन्ना को छोड़कर बाकी मेम्बर मुद्दे में निर्णय देने वाली संविधान पीठ का भाग थे। जस्टिस खन्ना को 17 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए सीजेआई रंजन गोगोई की स्थान शामिल किया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बाटर का पता चला है कि 18 पुनर्विचार याचिकाओं में नौ उन पक्षों ने दायर की है, जो पहले पक्षकार थे। बाकी नौ तीसरे पक्ष ने दायर की हैं। पीठ विचार करेगी कि याचिकाओं पर ओपन न्यायालय में सुना जाए या नहीं। पूर्व सीजेआई गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से 2.77 एकड़ विवादित धरती रामलला को देने का निर्णय सुनाया था। साथ ही केन्द्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।

निर्मोही अखाड़े ने भी पुनर्विचार याचिका दायर की:जानकारी के लिए हम आपको ब्निबता दें कि र्मोही अखाड़े ने भी अयोध्या मुद्दे में बीते बुधवार यानी 11 दिसंबर 2019 को पुनर्विचार याचिका दायर की है। अखाड़े की ओर से पंच राजाराम चंद्र आचार्य ने याचिका दायर की है। इसमें बोला गया है कि न्यायालय ने केन्द्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया था व अखाड़े को अगुवाई देने की बात कही थी। इस निर्णय के एक महीने बीत जाने के बावजूद ट्रस्ट में उसकी किरदार तय नहीं हुई है।