Nirbhaya Gangrape : चार गुनहगारों को तिहाड़ कारागार में हुई फांसी

Nirbhaya Gangrape :  चार गुनहगारों को तिहाड़ कारागार में हुई फांसी

 बेशक निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gangrape) व हत्या केस के सभी चार गुनहगारों (Culprits) को तिहाड़ कारागार (Tihar Jail) में फांसी हो चुकी है। बेशक इस पूरी कार्रवाई में सात वर्ष से भी ज़्यादा का वक्त लगा, लेकिन अच्छी बात यह थी कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को शुरुआती तफ्तीश में ही एक खास क्लू मिल गया था।

इसी की मदद से पुलिस सभी 6 आरोपियों तक पहुंची थी। अगर घटना के कुछ दिन बाद ही यह क्लू नहीं मिला होता तो आरोपियों को पकड़ना कठिन हो जाता।

बस की सीढ़ियों के पास लगी शीट के नीचे मिला था क्लू

निर्भया गैंगरेप केस से जुड़कर कार्य करने वाले दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड ऑफिसर बताते हैं कि इस केस को खोलना सरल नहीं था। कार्य से ज़्यादा देश की जनता का दबाव पुलिस के ऊपर था। लेकिन दिल्ली पुलिस सभी दबाव को झेलते हुए लगातार रात-दिन कार्य कर रही थी। पुलिस को सबूत के नाम पर सबसे पहले उस सड़क के पास लगे एक सीसीटीवी की फुटेज मिली थी। इस फुटेज में एक बस घटना वाली स्थान पर दो-तीन बार चक्कर लगाते हुए दिखाई दे रही थी।

लेकिन सिर्फ इतना ही सबूत बहुत ज्यादा नहीं था। जब बस मिल गई तो उसमे ऐसा कोई क्लू नज़र नहीं आ रहा था। बस को धो दिया गया था। कई-कई बार बस को अंदर-बाहर से देखा गया। इसी तरह जब जब एक बार बस से नीचे उतर रहे थे तो बस की सीढ़ियों पर लगी एल्युमिनियम की शीट पैर से टकराई। जब शीट को उठाकर देखा गया तो उसके नीचे खून के धब्बे थे। जब खून की जाँच कराई गई तो मालूम हुआ कि वो निर्भया के ब्लड ग्रुप से मैच हो रहा था।

पवन जल्लाद ने राष्ट्रपति व पीएम-सीएम को लिखा लैटर

साइबर कैफे चलाने वाले दिव्यांशू बताते हैं कि जब पवन कुमार जल्लाद को कोई रास्ता नहीं सूझा तो उन्होंने प्रार्थना लेटर का सहारा लिया। कुछ दिन पहले ही उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व दूसरे प्रशासनिक अधिकारियों को एक लेटर लिखा है। लेटर में ढेह छाज जाति को एससी का दर्जा व उसके फायदा देने की मांग की गई है। लेकिन अभी तक लेटर के जवाब में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है।