ओलिंपिक के बीच टोक्यो में मिले कोरोना के 3709 नए मामले

ओलिंपिक के बीच टोक्यो में मिले कोरोना के 3709 नए मामले

दुनियाभर में कोरोना महामारी एक बार फिर डराने लगी है। दूसरी लहर का सामना कर रहे कई देशों को तीसरी लहर की चिंता सता रही है। वैक्सीनेशन के बाद भी मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ब्राजील में जहां पिछले 24 घंटों में कोरोन वायरस से 1,209 लोगों की मौत हुई है। वहीं, जापान में ओलिंपिक के बीच टोक्यो में बीते 24 घंटे में कोरोना के 3,709 नए मामले पाए गए। चीन में वुहान में संक्रमण पर अंकुश पाने के लिए शहर के सभी निवासियों का कोरोना टेस्ट कराने का निर्णय लिया है, जबकि नेपाल में डेल्टा संस्करण की वजह से अस्पताल मरीजों से भर रहे हैं।

ब्राजील में कोरोना से 1,209 की मौत

ब्राजील में पिछले 24 घंटों में कोरोन वायरस से 1,209 लोगों की मौत हुई है। इसको मिलाकर मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 5,58,432 हो गया है। इस बीच 32,316 नए मामले सामने आए हैं। ब्राजील में वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित दुनिया का दूसरा देश है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत तीसरे स्थान पर है। मंत्रालय ने कहा कि दक्षिण अमेरिकी देश संक्रमण की एक नई लहर का सामना कर रहा है।


टोक्यो में मिले 3,700 से अधिक मामले

जापान की राजधानी टोक्यो में बीते 24 घंटे में कोरोना के 3,709 नए मामले पाए गए। ओलिंपिक की मेजबानी कर रहे इस शहर में एक दिन पहले 4,058 केस मिले थे। टोक्यो में लगातार पांच दिनों में तीन हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने भी बढ़ते मामलों पर सरकार की प्रतिक्रिया की आलोचना की है। एक दिन पहले, प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने फैसला किया कि केवल कोविड-19 के गंभीर मामलों वाले रोगियों को ही अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा। इस बीच, जापान ने 31 जुलाई से टोक्यो, सैतामा, चिबा, कानागावा, ओसाका और ओकिनावा प्रान्तों में आपातकाल की स्थिति घोषित की है।

 
वुहान के सभी निवासियों का होगा टेस्ट

चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस फिर पांव पसार रहा है। संक्रमण पर अंकुश पाने के लिए शहर के सभी निवासियों का कोरोना टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है। 1.1 करोड़ की आबादी वाले इसी शहर में 2019 के अंत में कोरोना का पहला मामला मिला था और यही से यह वायरस पूरी दुनिया में फैल गया। मध्य चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में सोमवार को कोरोना के सात मामले पाए गए। यहां गत जून से कोई मामला नहीं मिला था।

 
नेपाल में डेल्टा वैरिएंट का कहर

कोरोना वायरसका डेल्टा संस्करण नेपाल में तेजी से फैल रहा है। दूसरी लहर के दौरान बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए अस्पतालों ने अपने परिसर में अस्थायी आश्रय स्थल बनाकर बिस्तर की क्षमता बढ़ा दी थी। ऐसे में देश पर तीसरी लहर का खौफ मंडरा रहा है, अस्पतालों ने एक बार फिर मरीजों के लिए शेल्टर खोल दिया है। बुधवार की सुबह तक, सुकरराज ट्रॉपिकल अस्पताल में 100 सामान्य बिस्तरों में से 35 पर कोरोना के मरीजों को रखा गया है, जबकि इसके 28 आईसीयू बेड में से 22 पर संक्रमितों का इलाज हो रहा है।

 
तुर्की में मई के बाद से सबसे अधिक मामले

तुर्की में कोरोना महामारी संबंधी प्रतिबंधों में ढील देने के बाद से मामले फिर बढ़ने लगे हैं। एक दिन में लगभग दो हजार नए मामले सामने आए हैं। तुर्की में नए कोरोना वायरस मामलों की संख्या मंगलवार को लगभग 25,000 तक पहुंच गई, लगभग तीन महीनों में उच्चतम स्तर है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से वायरस के खिलाफ टीकाकरण कराने का आग्रह किया है। कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़कर 126 हो गई, जो 1 जून के बाद से सबसे अधिक है। क्योंकि देश वायरस की एक और लहर से जूझ रहा है, जो अधिकारियों द्वारा देश में के दो-तिहाई वयस्कों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगी है, जबकि आधे से भी कम को दो खुराक मिली है।


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।