मप्र में 1,171 गांव बाढ़ की चपेट में, 5,950 लोगों को किया रेस्क्यू, संचार व्यवस्था चरमराई

मप्र में 1,171 गांव बाढ़ की चपेट में, 5,950 लोगों को किया रेस्क्यू, संचार व्यवस्था चरमराई

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के बाद आइ बाढ़ से राज्यवासियों का हाल बेहाल है। मध्य प्रदेश में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र भारी बारिश के बाद बाढ़ की चपेट में है। इस कारण वहां के 1,171 गांवों में बाढ़ आ गई है। इन क्षेत्रों में से अधिकांश श्योपुर और शिवपुरी जिलों में स्थित हैं। समाचार एजेंसियां द्वारा अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी जा रही है। इस बीच, भारतीय सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ आपदा प्रबंधन अधिकारियों की सहायता के लिए बचाव प्रयास में उतर गई है, जो पहले से ही राहत अभियान में लगे हुए हैं। वहीं, राज्य में बाढ़ को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कुछ जानकारी साझा की है। इसके अलावा केंद्र गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य के सीएम चौहान से बात की है।

सीएम ने बताया, 'राज्य में खासकर उत्तरी मध्य प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और बीएसएफ ने 240 गांवों के 5,950 लोगों को बचाया है। 1,950 और लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। सीएम शिवराज ने बताया कि क्वारी, सीप, पार्वती नदियों में बाढ़ से श्योपुर के 30 गांव प्रभावित हैं। अब तक यहां 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। फिलहाल ज्वालापुर, भेरावाड़ा, मेवाड़ा, जाटखेड़ा के गांवों में फंसे करीब 1000 लोगों को निकालने का अभियान जारी है।'

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि चंबल, क्वारी नदियों में बाढ़ से मुरैना के 13 गांव प्रभावित हैं। अब तक 250 से अधिक लोगों को बचाया गया है और 200 लोगों के लिए बचाव कार्य जारी है। दतिया के 36 प्रभावित गांवों से अब तक 1100 लोगों को निकाला गया है और 45 लोगों का ऑपरेशन जारी है।


शिवराज बोले- स्थिति गंभीर

सीएम ने कहा कि बारिश कम हो गई है और जलस्तर कम होने लगा है। हालांकि, शिवपुरी में हमारी संचार व्यवस्था चरमरा गई है। हमने बुनियादी ढांचे को बहाल करने की कोशिश करने के लिए दूरसंचार मंत्रालय से संपर्क किया है। मैं केंद्र के संपर्क में हूं।

अमित शाह ने ली स्थिति की जानकारी

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान से बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और नदियों के जल स्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली। शाह का कहना है कि केंद्र राज्य को राहत कार्य के लिए पूरी मदद कर रहा है। अमित शाह ने इस बारे में ट्वीट भी किया।


मध्यप्रदेश के कुछ भागों में तेज बारिश व नदियों का जलस्तर बढ़ने से आयी बाढ़ के संबंध में मैंने श्री @chouhanshivraj जी से बात कर स्थिति की जानकारी ली। केंद्र की ओर से प्रदेश को राहत कार्यों के लिए पूरी मदद दी जा रही। इस कठिन घड़ी में मोदी सरकार प्रदेश की जनता के साथ खड़ी है।

नदियों के पास के सभी गांव प्रभावित

राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ग्वालियर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री काम कर रहे हैं। मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि झूठी अफवाहों से बचें। नदियों के पास के सभी गांव प्रभावित हैं। लोगों को बचाना हमारी प्राथमिकता।


गंभीर स्थिति हुई पैदा 

मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने भारी बारिश से राज्य में आई बाढ़ पर कहा, 'गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सीएम बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। हजारों लोगों को बचाया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें काम कर रही हैं।'

मौसम विभाग क्या बोला?

भारत के अलग-अलग हिस्सों में भीषण गर्मी के बाद मानसून ने कहर बरपा रखा है। अगले 24 घंटों में, मध्य प्रदेश के सबसे अधिक प्रभावित ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शिवपुरी, श्योपुर, गुना और दो अन्य जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही क्रमशः नौ और आठ जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। चंबल, सिंध, नर्मदा और पार्वती जैसी नदियां उफान पर हैं। पानी का बहाव इतना तेज है कि वह मवेशियों को भी साथ ले जा रहा है। नुकसान का आकलन तभी किया जा सकता है जब पानी का बहाव रुक जाए।

पिछले पांच दिनों से पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून जोरदार हो गया है, क्योंकि इस क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) को 1 से 3 अगस्त तक उपखंड को रेड अलर्ट के तहत रखने के लिए मजबूर होना पड़ा है। पिछले 24 घंटों में मंगलवार की सुबह तक, क्षेत्र के कुछ हिस्सों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसमें शिवपुरी और गुना में 470 मिमी तक बारिश हुई।


कब कम होगी बारिश

वहीं, बुधवार तक कम दबाव का सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। हालांकि, 5 अगस्त तक इस क्षेत्र में भारी बारिश के साथ व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। अगले दो दिनों के लिए, पश्चिम मध्य प्रदेश को 'ऑरेंज अलर्ट' के तहत रखा गया है।


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।