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तिहाड़ में मिला 6 लाख का पैकेज
जिस युवक ने कभी एक व्यक्ति का अपहरण कर उसके घर वालों से फिरौती मांगी थी , उसी कैदी को तिहाड़ जेल में हुए प्लेसमेंट में 6 लाख रुपये का पैकेज मिला है। उक्त कैदी को 50 हजार रुपये महीने की यह नौकरी डिवेलपमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने दी है। कंपनी में उसे बिजनेस डिवेलपमेंट मैनेजर का पद दिया गया है। जेल में उसका आचरण बहुत अच्छा है। इसके अलावा तिहाड़ में पहली बार महिला कैदियों को भी नौकरी दी गई है। उनमें सबसे अधिक 30 हजार रुपये महीने एक महिला कैदी को ऑफर किया गया है। तिहाड़ जेल में यह तीसरा मौका था जब कंपनियों को यहां कैंपस प्लेसमेंट के लिए बुलाया गया था। प्लेसमेंट में सभी कैदियों को नौकरी मिली है। तिहाड़ की जेल नंबर -3 में हुए कैंपस प्लेसमेंट में 100 कैदियों को शामिल किया गया था , जिनमें से 10 महिला थीं। इनमें से कई अंडरट्रायल भी थे। कैंपस प्लेसटमेंट में ऐसे कैदियों को शामिल किया गया जो 6 महीने या फिर एक साल के अंदर जेल से रिहा हो जाएंगे या जमानत पर छूट जाएंगे। जेल सुपरिंटेंडेंट मनोज द्विवेदी ने बताया कि कैंपस प्लेसमेंट के लिए 16 कंपनियां आई थीं। इनमें टीएमआई एकेडमी , डिवेलपमेंट इंडिया प्रा . लि ., रॉकलैंड होटल्स , यूएनआई बिल्ड कंस्ट्रक्शन , एएसपी सीलिंग , स्काईलार्क ग्रुप , प्राइम फोकस , टेकेज सोल्यूशंस , फ्यूचर मैसन , आईएसीएम स्मार्ट लर्न , रोबर्ट स्पोर्ट सर्विस , द करियर कंस्लटेंट्स , मिलेनियम कंस्ट्रक्शन , वेदांता फाउंडेशन , स्टिक ट्रेवल्स और एसएमसी ग्रुप शामिल थीं। जिस कैदी को 6 लाख रुपये साल का पैकेज मिला है , उसका नाम संदीप कुमार सिंह है। संदीप अपहरण के एक मामले में 7 जुलाई , 2007 में जेल में आया था। सेशन कोर्ट से इसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है और हाई कोर्ट में अपील विचाराधीन है। यूपी के उन्नाव के रहने वाले संदीप ने कानपुर युनिवर्सिटी से बीए की थी। जेल में रहते हुए वह टूरिज़म मैनेजमेंट में मास्टर्स और सोशल वर्क में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा कोर्स कर रहा है। वह दोनों कोर्स जेल में ही बने इग्नू के सेंटर से कर रहा है। पिछले साल इसे बेस्ट कैदी का भी अवार्ड दिया गया था , जिसमें उसे 11 हजार रुपये दिए गए थे। जेल में बंद होने से पहले भी संदीप कई कंपनियों में नौकरी कर चुका है। इसने कंप्यूटर में भी कई पीजी और डिप्लोमा कोर्स कर रखे हैं। संदीप का कहना है कि वह इस बात से बहुत खुश है कि उसे जेल में रहते हुए ही अच्छी नौकरी मिल गई। उसने कसम खाई है कि वह अब कभी भी अपराध की दुनिया में कदम नहीं रखेगा। जो अपराध उससे हुआ है वह उसका पश्चाताप बुरे लोगों को अच्छा काम करने के लिए जागरूक करने में लगाएगा। संदीप के अलावा गुलाब सिंह चौहान और बालाजी नाम के दो कैदियों को भी उसी के समकक्ष पैकेज मिला है। जेल में एक कैदी ऐसा भी था जिसे एक कंपनी ने 15 लाख रुपये तक ऑफर दिया था , मगर अभी उसके छूटने में काफी समय बचा है।
जन्म के साथ ही बर्थ सर्टिफिकेट देगी एमसीडी
सोमवार को एमसीडी पहली बार नवजात शिशुओं का बर्थ सर्टिफिकेट अस्पताल में देना शुरू करेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल यह सुविधा कस्तूरबा गांधी अस्पताल में शुरू हो रही है। अगर योजना सफल रही तो एमसीडी अपने अन्य सभी अस्पतालों में भी ऐसी व्यवस्था करेगी। रोजाना एमसीडी के अस्पतालों में जन्म लेने वाले सैकड़ों बच्चों के पैरंट्स को इसका फायदा होगा। उन्हें बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए एमसीडी दफ्तरों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अस्पताल से डिस्चार्ज होने से पहले ही मुफ्त जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। एमसीडी कमिश्नर के . एस . मेहरा सोमवार को कस्तूरबा गांधी अस्पताल में योजना का उद्घाटन करेंगे। कस्तूरबा गांधी अस्पताल में 350 बिस्तरों की व्यवस्था है और सालाना यहां 12000 बच्चे पैदा होते हैं। हालांकि एमसीडी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पहले ही सिटिजन चार्टर लागू कर चुकी है और एक दिन मेें जन्म प्रमाण पत्र देने की घोषणा की गई है , लेकिन अस्पताल में शिशु के जन्म के साथ ही पहली बार प्रमाण पत्र जारी होने जा रहा है।
जाफरपुर कलां में लड़की से गैंग रेप
साउथ - वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के जाफरपुर कलां में 17 साल की लड़की के साथ गैंग रेप का मामला सामने आया है। आरोप है कि लड़की को सोमवार देर रात गांव के चार युवक अगवा कर खेतों में ले गए और वहां उसके साथ रेप किया। इसके बाद वे पीडि़ता को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। लेकिन , हादसे से सहमी लड़की ने पूरी बात परिवारवालों को बता दी। पीडि़ता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। चारों आरोपी जाफरपुर कलां गांव के ही रहने वाले हैं , जो हादसे के बाद से फरार हैं। जानकारी के अनुसार , 17 साल की गीता ( बदला हुआ नाम ) अपने परिवार के साथ नजफगढ़ में रहती है। सोमवार शाम को जब गीता घर लौट रही थी , तो उसे अकेला देखकर चार युवकों ने घेर लिया। वे गीता को अपने साथ चलने की बात कहने लगे , लेकिन गीता के इंकार करने पर वे उसे जबरन अपने साथ पास के खेत में सुनसान जगह ले गए और अंधेरे का फायदा उठाकर उसके साथ गैंग रेप किया। हादसे के बाद पीडि़ता जैसे - तैसे घर पहुंची। उसकी हालत देखकर परिवारवाले परेशान हो गए। पूछने पर गीता ने पूरी बात परिजनों को बता दी। इसके बाद वे उसे अस्पताल ले गए , जहां डॉक्टरों ने जांच में रेप की पुष्टि कर दी। घटना की सूचना पाकर पुलिस भी वहां पहुंच गई थी। डीसीपी ( साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ) अनिल कुमार ओझा ने बताया कि पीडि़ता के बयान पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कर लिया। पीडि़ता की हालत फिलहाल गंभीर है। सदमे से वह काफी आहत है।
ऐश्वर्या बनीं मां, खामोश हैं न्यूज चैनल्स
ऐश्वर्या ने बेटी को जन्म दिया , लेकिन देश के ज्यादातर न्यूज़ चैनलों ने इस खबर को नहीं दिखाया। दरअसल न्यूज़ चैनलों ने ऐश्वर्या पर खबरों से अमिताभ की नाराजगी के बाद यह फैसला ब्रॉडकास्ट एडिटर्स असोसिएशन ( बीईए ) लिया था। अमिताभ ने मीडिया को कहा शुक्रिया अमिताभ न्यूज चैनलों के इस ‘ संयम ’ से बेहद खुश हैं। अमिताभ ने ट्विटर पर मीडिया की जमकर तारीफ की है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘ मीडिया अपनी बात पर कायम रहा। उसने हमारी प्रिवेसी में दखल नहीं दिया। मैं इसके लिए दिल से शुक्रगुजार हूं। हम इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया दोनों को समय देंगे। पीआर अपना काम कर रहा है। 24 घंटे से ऊपर हो चुके हैं... अब आराम की जरूरत है। ‘ अमिताभ हो गए थे नाराज डिलिवरी से पहले मीडिया में ऐश्वर्या पर लगातार खबरें आ रही थीं , जिन पर अमिताभ बच्चन ने अपनी नाराजगी ब्लॉग के माध्यम से जाहिर की थी। अमिताभ ने एक अखबार में छपी खबर पर ब्लॉग में लिखा , ' उस लेख के तरीके और उसे प्रस्तुत करने के उद्देश्य पर मुझे आश्चर्य हुआ। मैं बताना चाहूंगा कि लेख के साथ जिस फोटो का उपयोग किया गया है , वह गलत है। इसे दोनों के मालशेज के पास के गणेश मंदिर से निकलते हुए दिखाया गया है। जबकि , यह मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर से बाहर निकलने के दौरान का फोटो है। ' बच्चन फैमिली न्यूज चैनलों से भी अपसेट थी। इसके बाद ब्रॉडकास्ट एडिटर्स असोसिएशन (बीईए) ने ऐश की डिलिवरी की न्यूज कवर करने के लिए अपने मेंबर्स को गाइडलाइंस जारी कीं। इसमें कहा गया कि बच्चन फैमिली में आने वाले नए मेहमान की कोई प्री-कवरेज नहीं होगी। यही नहीं , ऑफिशल अनाउंसमेंट के बिना कोई न्यूज भी ब्रेक नहीं की जाएगी। यानी इस न्यूज को ब्रेकिंग न्यूज की तरह नहीं दिखाया जाएगा। इसके अलावा , हॉस्पिटल और बच्चन फैमिली के घर कोई कैमरामैन या ओबी वैन नहीं जाएगी। चैनल्स पर बच्चे का कोई एमएमएस या फोटो भी नहीं दिखाया जाएगा। जर्नलिस्ट सिर्फ बुलाने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाएंगे और बच्चे की बर्थडेट को लेकर कोई एस्ट्रॉलजी शो भी नहीं होगा। साथ ही , बेबी बच्चन की स्टोरी एक मिनट से ज्यादा की नहीं होगी। बिग बी ने ट्विटर पर इन गाइडलाइंस पर खुशी भी जताई थी। इन्हीं गाइडलाइंस के चलते इक्के-दुक्के चैनलों को छोड़ कर किसी भी चैनल ने ऐश्वर्या की बेटी के जन्म की न्यूज नहीं दिखाई। ब्रॉडकास्ट एडिटर्स असोसिएशन ( बीईए ) के चेयरमैन एन . के . सिंह ने कहा कि ‘ यह फैसला सिर्फ बच्चन फैमिली के मामले तक सीमित नहीं है। आगे भी हम जन उपयोगी खबरों पर ज्यादा जोर देंगे। हम पर्सनल लाइफ में कम से कम हस्तक्षेप करेंगे। हल्की खबरों को ज्यादा महत्व नहीं देंगे। ’ उन्होंने बताया कि इन बातों को लेकर ब्रॉडकास्ट मीडिया के सभी एडिटर्स सीरियस हैं। सिंह ने कहा, ‘ हम चाहते हैं कि अब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ज्यादा गंभीर बने। हमसे पहले कुछ गलतियां हुई हैं , लेकिन हम अब सुधार करना चाहते हैं। समाज के लिए जवाबदेह बनना चाहते हैं। हमने इन्हीं बातों को ध्यान रखकर ऐश्वर्या राय से जुड़ी खबर को सनसनीखेज नहीं बनाया। ’
माया का नया दांव, यूपी में मुसलमानों को 'रिजर्वेशन'
यूपी को 4 हिस्सों में बांटने की सिफारिश के बाद राज्य की मुख्यमंत्री कांग्रेस और अन्य दलों को परेशान करने वाला एक और फैसला कर सकती हैं। मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण और ओबीसी मुस्लिम के लिए अलग आरक्षण के मुद्दे पर अहम चीजें किसी भी वक्त सामने आ सकती हैं। दिल्ली में बीएसपी सूत्रों के मुताबिक राज्य की सीएम हर वर्ग के लोगों की भलाई के लिए कदम उठा रही हैं। लेकिन विरोधियों को वह रास नहीं आ रहा है। पहले राज्य के बंटवारे की मांग की जाती थी, अब सीएम ने फैसला कर लिया है, तो सभी दल तरह-तरह के बयान दे रहे हैं, पीछे हट रहे हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता ओबीसी मुस्लिमों को लेकर भी बयानबाजी करते रहे हैं, लेकिन देख लेना यदि बीएसपी सुप्रीमो इस बारे में भी कोई फैसला लेती हैं, तो उस पर भी वे लोग पीछे हटने की कोशिश करेंगे। उधर, राज्य को -पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड और पश्चिमी प्रदेश-में बांटने के यूपी कैबिनेट के फैसले पर जानकारों का कहना है कि लंबी प्रक्रिया है। अभी विधानसभा में यह मामला पास होना है। फिर मामला केन्द्र के पास जाएगा। केन्द्र विचार करेगा, सहमत होगा, तो संसद में बिल बना कर पेश करेगा। संसद में दो-तिहाई बहुमत पक्ष में हुआ तो ही बिल पास हो पाएगा। तब तक यूपी में चुनाव आ जाएंगे। जानकारों के मुताबिक मायावती ने सभी को खासकर कांग्रेस को फंसा दिया है। यदि बंटवारा हो जाता है, तो 2 बड़े नेताओं की उम्मीदें बढ़ सकती हैं। अब आ कर बंटवारे पर सवाल कर रहे चौ. अजित सिंह और अमर सिंह दोनों की ही इसमें रुचि रही है। अमर सिंह के समर्थक पूर्वांचल में सीएम की संभावना देखते रहे हैं, वहीं अजित सिंह के समर्थकों को 'हरित प्रदेश' यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की संभावनाएं नजर आती रही हैं।
सेवा समिति के अध्यक्ष-महामंत्री का स्वागत
गुरप्रीत सिंह करीर_शाहजहांपुर : सिख समाज सेवा समिति के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष सरदार विजेन्द्र सिंह साहनी एवं महामंत्री जसविंदर सिंह तथा सरदार गुरमीत सिंह का कुटिया साहब में फूल मालाओं से स्वागत किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त अध्यक्ष सरदार विजेन्द्र सिंह ने कहा कि सिख समाज ने जो उन पर जिम्मेदारी सौंपी है, उसका ईमानदारी से निर्वाह करेंगे। महामंत्री सरदार जसविंदर सिंह ने कहा कि सिख समाज का सदैव बलिदानी इतिहास रहा है और देश व समाज की रक्षा की है। समिति के जो संरक्षण एवं पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं उनका आगामी सप्ताह में स्वागत किया जायेगा। स्वागत करने वालों में गुरमीत सिंह, गुरु प्रकाश सिंह, परमजीत सिंह, हरजिंदर सिंह, वीरेन्द्र पाल, रविन्दर सिंह, कुलजीत सिंह, सविन्दर सिंह, हरमिन्दर सिंह, हरमीत सिंह, अरविन्दर सिंह, जसवीर सिंह, हन्नी हांडा, परमजीत सिंह आदि थे।
दूध की जगह सफेद जहर तो नहीं पी रहे ?
गुरप्रीत सिंह करीर, शाहजहांपुर : दूध मनुष्य के लिए सम्पूर्ण आहार है, तो आम आदमी के लिए रोज की जरूरत भी। अब यहां भी बढ़ती मांग और कम उत्पादन का फायदा माफिया बीच में उठाने से नहीं चूक रहे। पानी के अलावा क्रीम निकाले दूध में कई हानिकारक रसायन भी मिलाए जाने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है। शहर में लगभग डेढ़ सौ दूध की डेयरियां हैं। इसके अलावा काफी संख्या में दूधिये ग्रामीण क्षेत्र से दूध लेकर पूरे दिन बेचते हैं। डेयरियों पर प्योर दूध के नाम पर पच्चीस रुपये लीटर दूध बेचा जा रहा है। लेकिन गांव के दूधियों का कोई रेट नहीं है। बारह से बीस रुपये प्रति लीटर दूध बेचते हैं। दूब व घास जानवरों का दूध बढ़ाती है। लेकिन अब दूब-घास तो मिल नहीं रहा है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा दूध निकालने के लिए डेयरी मालिक इंजेक्शन का प्रयोग करते हैं। जिस आक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग प्रयोग करते हैं। उसकी वजह से दूध में दवा की बदबू आती है। यह दूध स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। इसके अलावा शहर से लेकर गांव-गांव में क्रीम निकालने की मशीनें लगी हुई हैं। इसलिए दूधिये क्रीम निकालकर पहले पानी मिलाते हैं। बाद में दूध को गाढ़ा करने के लिए सिंघाड़े का आटा, यूरिया, अरारोट आदि मिला देते हैं। यही नहीं स्टार्च जिलेटिन आदि पदार्थ भी मिलाया जाता है। इसलिए इस दूध को पीने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। कुछ ग्रामीण दूधिये कृत्रिम दूध बनाकर कस्बों में सप्लाई कर रहे हैं। दूध फटे न इसलिए इसमे खाने वाला सोडा मिलाते हैं। लेकिन खाद्य विभाग दूधियों के खिलाफ कार्यवाही मात्र कागजों पर ही करता है। सेंपुल के नाम पर धन उगाही की जाती है। क्या कहते हैं अधिकारी फूड इंस्पेक्टर जावेद अख्तर का कहना है कि समय-समय पर दूधियों तथा क्रीम निकालने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। मिलावट करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई होगी। आंतरिक अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ता है : सीएमएस सीएमएस डा. डीके सोनकर का कहना है कि मिलावटी दूध से आंतरिक अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। डायरिया से लेकर कैंसर तक की बीमारी हो सकती है। इसके अलावा आंखों की रोशनी पर भी प्रभाव पड़ता है।
राजधानी को मिलेंगे 150 नए आंगनबाड़ी केंद्र,राजकीय निर्माण निगम को 15 मई तक सौंपने का निर्देश
लखनऊ(गुरप्रीत सिंह करीर): राजधानी को जल्द ही 150 नए आंगनबाड़ी केंद्र मिल जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने तैयार हो जाने वाले भवनों को 15 मई तक सौंपने के निर्देश राजकीय निर्माण निगम को दिए हैं। इसके अलावा इस वर्ष महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के तहत 26 सौ बच्चियों को मदद दी जाएगी। राजधानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आलोक तिवारी ने इनका चयन मानक के अनुसार बीकेटी, गोसाईगंज, आलमनगर, सरोजनीनगर, अलीगंज और चिनहट में करने का निर्देश दिया है। राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता को निर्देश दिए गए हैं कि 152 पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों को 15 मई तक पूरा कर विभाग को सौंपे। शेष 31 के निर्माण में आने वाली बाधाओं का निस्तारण विभागीय सहयोग से कराकर उनका भी निर्माण शुरू करने का निर्देश दिया गया है। महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना के तहत बीते वित्तीय वर्ष में 24 सौ बालिकाओं को एफडी दिए जाने का लक्ष्य था जिसके सापेक्ष 2430 नवजात बालिकाओं को एफडी दी जा चुकी है। जारी वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत 2600 बालिकाओं को लाभान्वित किया जाना है। --
डीएम-डीआईजी अंदर, बाहर दहला पकड़,-तहसीलदार कक्ष के सामने खुलेआम चल रहा था जुआ -394 मामलों में से मौके पर महज छह मामलों का निबटारा
वाराणसी, गुरप्रीत सिंह करीर_प्रतिनिधि : जिले के अधिकारियों का मातहतों पर कितना खौफ है इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। जिले के दो आला अफसर जिस परिसर में मौजूद हों वहीं पर बीस कदम की दूरी पर बेखौफ कर्मचारी वहां जुटे फरियादियों के साथ ताश के पत्ते फेटने में मगन थे। जी हां यह सच है। तहसील दिवस पर मंगलवार को सदर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सदर तहसील के सभागार में डीएम-डीआईजी समेत तमाम महकमों के आला अफसर फरियादियों की समस्याओं का निराकरण कर रहे थे। परिसर में ही तहसीलदार के कक्ष के सामने बरामदे में आधा दर्जन से अधिक लोग जुआ खेल रहे थे। जुआ खेलने वालों में अधिकतर अधिकारियों के वाहन के चालक थे और कुछ पब्लिक से जुडे़ लोग। खुलेआम हो रहे जुए पर वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों की निगाह भी पड़ी लेकिन किसी ने उन्हें मना करना मुनासिब नहीं समझा। अपराह्न 1 बजे जब 'जागरण' ने तहसील में खुलेआम जुआ खेलने वालों को अपने कैमरे में कैद किया तो उन लोगों में हड़कंप मच गया। आननफानन में सभी इधर-उधर भाग निकले। उधर जन समस्याओं का निराकरण कर रहे जिलाधिकारी रवीद्र व डीआईजी लालजी शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता के साथ समयबद्धता का ध्यान रखें। तहसील दिवस पर सदर में 318 व पिंडरा में 76 कुल 394 शिकायती पत्र आए। मौके पर महज सदर व पिंडरा में मात्र तीन-तीन मामलों का ही निस्तारण हो सका। तहसील दिवस पर आईएएस विवेक, सीडीओ शरद कुमार सिंह, पीडी इंद्रदेव द्विवेदी समेत अन्य विभागीय अफसर मौजूद थे।




































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